सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

class 9 science chapter 1 हमारे आस-पास के पदार्थ

अध्याय का सारांश 

• संसार की सभी वस्तुएँ जिस सामग्री से बनी हैं, वैज्ञानिक उसे पदार्थ कहते है।


• वे वस्तुएँ जिनका द्रव्यमान होता है और स्थान (आयतन) घेरती है, पदार्थ कहलाता है। • प्राचीन भारत के दार्शनिकों ने पदार्थ को पंचतत्व वायु, पृथ्वी, अग्नि, जल और आकाश से बना बताया


इन्ही पंचतत्व में वर्गीकृत किया है।


• सभी पदार्थ कणों से मिलकर बने होते हैं । • पदार्थ के कण अत्यंत सूक्ष्म होते है।


. पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।


. पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते हैं।


पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते है। पदार्थ के कणों में गतिज ऊर्जा होती है और तापमान बढ़ने से कणों की गति तेज हो जाती .


.


है।


• पदार्थ के कण अपने आप ही एक दुसरे के साथ अंतः मिश्रित हो जाते हैं। ऐसा कणों के रिक्त स्थानों में समावेश के


कारण होता है । • दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वतः मिलना विसरण कहलाता है। • पदार्थ के कणों के बीच एक बल कार्य करता है। यह बल कणों को एक साथ


जाता है।


रखता है। इसे अंतराणुक बल भी कहा


• प्रत्येक पदार्थ में यह आकर्षण बल अलग-अलग होता है इन्ही बलों के कारण पदार्थ की अवस्थाएं बनती है।


• पदार्थ की तीन अवस्थाएँ होती हैं ठोस, द्रव और गैस । • पदार्थ की ये अवस्थाएँ उनकी कणों की विभिन्न विशेषताओं के कारण होता है।


• बल लगाने पर ठोस टूट सकते हैं लेकिन इनका आकार नहीं बदलता ।


• द्रव का कोई अपना आकार नहीं होता है जिस बर्तन में इसे रखते है ये उसी का आकार ले लेता है, परन्तु द्रव का आयतन होता है।


द्रव में ठोस, द्रव और गैस तीनों का विसरण संभव है। • ठोस की अपेक्षा द्रवों में विसरण की दर अधिक होती है यही कारण है कि द्रव अवस्था में पदार्थ के कण स्वतंत्र रूप से


गति करते हैं ठोस की अपेक्षा द्रव के कणों में रिक्त स्थान भी अधिक होता है।


• ठोसों एवं द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड़यता (compression) काफी अधिक होती है। में


• तापमान एवं दाब में परिवर्तन कर पदार्थ की अवस्थाएं बदली जा सकती है। • जिस तापमान पर कोई ठोस पिघलकर द्रव बन जाता है, वह इसका ताप उस पदार्थ का गलनांक (Melting


कहलाता है।


• गलने की प्रक्रिया यानी ठोस से द्रव अवस्था में परिवर्तन को संगलन भी कहते है।


Point)


• गलने की प्रक्रिया के दौरान गलनांक पर पहुँचने के बाद जब तक कोई पदार्थ पूरी तरह गल नहीं जाता, तापमान नहीं बदलता है। चाहे उसमें और भी ऊष्मा दे दी जाए। पदार्थ के कणों के आकर्षण बल को बदलने के लिए ताकि अवस्था में परिवर्तन हो सके तापमान में बिना कोई वृद्धि दर्शाए पदार्थ उस अतिरिक्त ऊष्मा को अवशोषित कर लेता है। यह ऊष्मा पदार्थ में छुपी रहती है, जिसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं ।


• संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा : वायुमंडलीय दाब पर 1 kg ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए जीतनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा कहते है।


वायुमंडलीय दाब पर वह तापमान जिस पर द्रव उबलने लगता है, इस ताप को उस पदार्थ का क्वथनांक कहते है। जल


का क्वथनांक 100°C या 373K है ।


• द्रव अवस्था में परिवर्तन हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस और वापस ठोस में बदलने की प्रक्रिया को उर्ध्वपातन (sublimention) कहते है ।


• पदार्थ के कणों के बीच दुरी में परिवर्तन होने के कारण पदार्थ की विभिन्न अवस्थाएँ बनती हैं।


• ठोस CO2 द्रव अवस्था में आए बिना सीधे गैस में परिवर्तित जाती है। यही कारण है कि ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को


शुष्क बर्फ (dry ice) कहते हैं |


• दाब के बढ़ने और तापमान के घटने से गैस द्रव में बदल सकते है।  

Important Notes(नोट्स)

द्रव्य सूक्ष्म कणों से मिलकर बना होता है।


  • हमारे आस-पास द्रव्य तीन अवस्थाओं में विद्यमान होता है: ठोस, द्रव और गैस । ठोस के कणों में आकर्षण बल सबसे अधिक, गैस के कणों में सबसे कम और द्रव के कणों में इन दोनों के मध्यवर्तीय होते हैं।

  • ठोस के कणों में ठोसों को निहित करने वाले कणों के बीच का रिक्त स्थान और गतिज ऊर्जा न्यूनतम, गैसों के लिए यह अधिकतम किंतु द्रवों के लिए मध्यवर्तीय है।

  • ठोसों के लिए उनके कणों की व्यवस्था अत्यधिक क्रमित होती है। द्रवों में कणों की परतें एक-दूसरे पर से फिसल व स्खलित हो सकती हैं, गैसों में कोई क्रम नहीं होता और इनके कण अनियमित रूप से विचरण करते हैं। पदार्थ की अवस्थाएँ अंतः परिवर्तित होती हैं। पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन ताप और दाब में परिवर्तन से किया जा सकता है।

  • ऊर्ध्वपातन प्रक्रम में ठोस पदार्थ द्रव में परिवर्तित हुए बिना ही सीधे गैसीय अवस्था में आ जाता है।

  • निक्षेपण प्रक्रम में गैसीय पदार्थ सीधे ठोस अवस्था में आ जाता है। क्वथनांक की समष्टि परिघटना जिसमें समष्टि के कण द्रव अवस्था से वाष्प में परिवर्तित होते हैं।

  • वाष्पीकरण एक सतह की परिघटना है। सतह के कण पर्याप्त ऊर्जा ग्रहण कर उनके बीच के परस्पर आकर्षण बलों को पार कर लेते हैं और द्रव को वाष्प अवस्था में परिवर्तित कर देते हैं।

  • वाष्पीकरण की गति निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करती है: सतही क्षेत्रफल जिसका वायुमंडल के प्रति परित्याग होता है, तापमान, आर्द्रता और वायु की गति।

  • वाष्पीकरण से ठंडक उत्पन्न होती है। hot

  • वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा ताप की वह मात्रा है जो 1 kg द्रव को वायुमंडलीय दाब और द्रव के क्वथनांक पर गैसीय अवस्था में परिवर्तन करने

  • हेतु प्रयोग होती है।

  • संगलन की गुप्त ऊष्मा ऊर्जा की वह मात्रा है जो 1 kg ठोस को वायुमंडलीय दाब पर ठोस को उसके संगलन बिंदु पर लाने के लिए प्रयोग होती है।

विज्ञान कक्षा- 9  अध्याय 1 प्रश्न उत्तर

Q1. पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है। उदाहरण देकर इसे समझाइए

उत्तरः जब हम एक बीकर में पानी लेते है और उसमें पोटैशियम परमैगनेट के कुछ कण डाल देते है। कुछ देर बाद हम देखते है कि पोटैशियम परमैगनेट पुरे बीकर में फ़ैल जाता । अर्थात पोटैशियम परमैंगनेट का प्रत्येक कण जल के प्रत्येक कणों के बीच मिल जाता है। जिसेसे यह पता चलता है कि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।

Q2. कारण बताइए, क्यों गैस उस बर्तन को पूरी तरह भर देती है जिसमें इसको रखते है ?

उत्तरः द्रवों की तुलना में गैसों की संपीड्यता अधिक होती है जिससे ये जिस बर्तन में डालना होता है तेजी से स्थान लेते हैं और पूरी तरह भर देते है।

Q3. वाष्पीकरण के कारण शीतलता कैसे होती है ?

उत्तरः वाष्पीकरण के दौरान कम हुई ऊर्जा को पुनः प्राप्त करने के लिए द्रवों के कण अपने आस-पास से ऊर्जा अवशोषित कर लेते हैं। इस तरह आस-पास से ऊर्जा अवशोषित होने से आस-पास ठंडक होने लगता है और शीतलता आ जाती है।

Q4. ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ़ क्यों कहते हैं ?

उत्तरः जब वायुमंडलीय दाब का माप 1 एटमोस्फेयर atm हो, तो ठोस (CO2) कार्बन डाइऑक्साइड द्रव अवस्था में आए बिना सीधे गैस में परिवर्तित हो जाता है। यही कारण है कि ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ़ कहते हैं ।

Q5. उर्ध्वपातन किसे कहते है ?

उत्तरः द्रव अवस्था में परिवर्तन हुए बिना ठोस अवस्था से सीधे गैस और वापस ठोस में बदलने की प्रक्रिया को उर्ध्वपातन ( sublimention) कहते है ।

प्रश्न:6 विसरण किसे कहते है ?

उत्तर: दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वतः मिलना विसरण कहलाता है ।

प्रश्न:7 गलनांक किसे कहते है ?

उत्तरः वह ताप जिस पर कोई पदार्थ गलना शरू कर देता है, वह ताप उस पदार्थ का गलनांक कहलाता है।

प्रश्न:8 क्वथनांक किसे कहते है ?

उत्तर: वह ताप जिस पर कोई पदार्थ उबलना शरू कर देता है, वह ताप उस पदार्थ का क्वथनांक कहलाता है ।

प्रश्न: 9शुष्क बर्फ किसे कहते है?

उत्तर: ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ कहते है।

Q10. निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ हैं

कुर्सी, वायु, स्नेह, गंध, घृणा, बादाम, विचार, शीत, शीतल पेय, इत्र की सुगंध।

 उत्तरः कुर्सी, वायु, बादाम और शीतल पेय आदि पदार्थ हैं।

Q11. निम्नलिखित प्रेक्षण के कारण बताइए -

गर्मा-गरम खाने की गंध कई मीटर दूर से ही आपके पास पहुँच जाती है लेकिन ठंडे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है।

उत्तरः यह पदार्थ के कणों की विशेषताओं का गुण है जो तापमान बढ़ने से इनके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जा कण गतिज ऊर्जा बढ़ने से इनकी बीच की दूरी अर्थात कणों के बीच रिक्त स्थान बढ़ जाता है और फैलने लगते हैं यही कारण है कि गर्म खाने की महक ठंडे खाने की अपेक्षा तेजी से हमारे पास पहुंचता है।

Q12. स्विमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौन सा गुण प्रेक्षित होता है ?
उत्तरः यह क्रिया-कलाप यह दर्शाता है कि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता हैं। यदि पदार्थ के कणों के बीच रिक्त
स्थान नहीं होता तो गोताखोर पानी को नहीं काट पाता ।

Q13. पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती है ?

उत्तरः पदार्थ के कणों की निम्न विशेषताएँ होती है।

(i) पदार्थ के कणों के बीच रिक्त स्थान होता है।

(ii) पदार्थ के कण निरंतर गतिशील होते हैं।

(iii) पदार्थ के कण एक दुसरे को आकर्षित करते हैं।



Q14. किसी तत्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को धनत्व कहते हैं |
उत्तरः

(घनत्व = द्रव्यमान / आयतन)

बढ़ते हुए घनत्व के क्रम में निम्नलिखित को व्यवस्थित करें वायु, चिमनी का धुवाँ, शहद, जल, चाक, रुई और लोहा | -

Q15. संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा किसे कहते हैं ?

उत्तर: वायुमंडलीय दाब पर 1kg ठोस को उसके गलनांक पर द्रव में बदलने के लिए जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे संगलन की प्रसुप्त ऊष्मा कहते है।

Q16. वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा से आप क्या समझते हैं ?

उत्तरः वायुमंडलीय दाब पर 1kg द्रव को उसके क्वथनांक पर गैसीय अवस्था में परिवर्तन करने हेतु जितनी ऊष्मीय ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे वाष्पीकरण की प्रसुप्त ऊष्मा कहते है ।

Q17. संघनन क्या है ?

उत्तरः वह प्रक्रिया जिसमें गैस संघनित होकर (ठंडा) द्रव में परिवर्तित हो जाता है संघनन कहलाता है।

Q19. 100°C तापमान पर भाप अर्थात वाष्प के कणों में उसी तापमान पर पानी के कणों की अपेक्षा अधिक ऊर्जा होती है। क्यों ?

उत्तर: ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि भाप के कणों ने वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा के रूप में अतिरिक्त ऊष्मा अवशोषित कर लेता है जिससे वह उसी तापमान पर पानी के कणों की अपेक्षा अधिक ऊष्मा होती है।

Q20. गलनांक एवं क्वथनांक ने क्या अंतर है ?

उत्तरः

गलनांक

1. वह तापमान जिस पर कोई ठोस पिघलने लगता है।
2.ठोसों का गलनांक होता है।

क्वथनांक
1. वह तापमान जिस पर कोई द्रव उबलने लगता है।


2. द्रवों का क्वथनांक होता है।

Q21. तीन उर्ध्वपतित होने वाले पदार्थ का नाम बताइए

उत्तरः

(i) कपूर

(ii) नेप्थेलिन (नौसादर) (iii) अमोनियम क्लोराइड






टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

chhatrapati shivaji history : श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास

 chhatrapati shivaji history : श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास (Kapil kp coaching centre ) शिवाजी महाराज जन्म : 19 फरवरी 1630 मृत्यु : 3 अप्रैल 1680   भारत के वीर सपूतों में से एक श्रीमंत छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में सभी लोग जानते हैं। बहुत से लोग इन्हें हिन्दू हृदय सम्राट कहते हैं तो कुछ लोग इन्हें मराठा गौरव कहते हैं, जबकि वे भारतीय गणराज्य के महानायक थे। छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म सन्‌ 19 फरवरी 1630 में मराठा परिवार में हुआ। कुछ लोग 1627 में उनका जन्म बताते हैं। उनका पूरा नाम शिवाजी भोंसले था। शिवाजी पिता शाहजी और माता जीजाबाई के पुत्र थे। उनका जन्म स्थान पुणे के पास स्थित शिवनेरी का दुर्ग है। राष्ट्र को विदेशी और आतताई राज्य-सत्ता से स्वाधीन करा सारे भारत में एक सार्वभौम स्वतंत्र शासन स्थापित करने का एक प्रयत्न स्वतंत्रता के अनन्य पुजारी वीर प्रवर शिवाजी महाराज ने भी किया था। इसी प्रकार उन्हें एक अग्रगण्य वीर एवं अमर स्वतंत्रता-सेनानी स्वीकार किया जाता है। महाराणा प्रताप की तरह वीर शिवाजी राष्ट्रीयता के जीवंत प्रतीक एवं परिचायक थे। आओ जानते हैं श्रीमंत छत्र...

महादेवी वर्मा का जीवन परिचय

           महादेवी वर्मा

यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी की महत्वपूर्ण प्रश्न 2023

  Up Board Exam 2023 : यूपी बोर्ड परीक्षा की टेंशन खत्म यह पढ़ लो हिंदी में पास हो जाओगे, यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी महत्वपूर्णBoard Hindi up board, Exam,2023  Exam 2023 : यूपी बोर्ड परीक्षा की टेंशन खत्म यह पढ़ लो हिंदी में पास हो जाओगे, यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी महत्वपूर्ण प्रश्न यूपी बोर्ड कक्षा 12 हिंदी की महत्वपूर्ण प्रश्न 2023 –   इस पोस्ट पर मैंने यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं हिंदी का सभी महत्वपूर्ण टॉपिक एक भी पोस्ट भी लेकर आया है आप इसको पूरा पढ़ लेते हैं तो आपकी यूपी बोर्ड परीक्षा 2023 में यहां से प्रश्न पूछे जा सकते हैं इसलिए आप यहां पर बताए गए सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों को जरूर तैयार कर लें और इसे तैयार करके ही अपने यूपी बोर्ड परीक्षा के पेपर में जाएं | UP Board Class 12th Hindi Model Paper Full Solution – खण्ड-क 1. (क) वासुदेवशरण अग्रवाल की कृति है : (a) ‘मेरी असफलताएँ’ (b) ‘माताभूमि’ (c) ‘आधे-अधूरे’ (d) ‘आखिरी चट्टान’ उत्तर : (b) वासुदेवशरण अग्रवाल की कृति ‘माताभूमि है। (ख) निम्नलिखित में से हजारी प्रसाद द्विवेदी की रचना नहीं है (a) हिन्दी साहित्य की भू...

महत्वपूर्ण फॉर्मूले एवं जानकारियां*

  महत्वपूर्ण फॉर्मूले एवं जानकारियां* 👇👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👇 1.आक्सीजन—o₂ 2. नाइट्रोजन—n₂ 3. हाइड्रोजन—h₂ 4. कार्बन डाइऑक्साइड—co₂ 5. कार्बन मोनोआक्साइड—co 6. सल्फर डाइऑक्साइड—so₂ 7. नाइट्रोजन डाइऑक्साइड—no₂ 8. नाइट्रोजन मोनोऑक्साइड (नाइट्रिक ऑक्साइड) — no 9. डाईनाइट्रोजन ऑक्साइड (नाइट्रस ऑक्साइड) — n₂o 10. क्लोरीन — cl₂ 11. हाइड्रोजन क्लोराइड—hcl 12. अमोनिया — nh₃ अम्ल 13. हाइड्रोक्लोरिक एसिड — hcl 14. सल्फ्यूरिक एसिड — h₂so₄ 15. नाइट्रिक एसिड — hno₃ 16. फॉस्फोरिक एसिड — h₃po₄ 17. कार्बोनिक एसिड — h₂co₃ क्षार 18. सोडियम हाइड्राक्साइड—naoh 19. पोटेशियम हाइड्राक्साइड—koh 20. कैल्शियम हाइड्राक्साइड—ca(oh)₂ लवण 21. सोडियम क्लोराइड—nacl 22. कार्बोनेट सोडियम—na₂co₃ 23. कैल्शियम कार्बोनेट — caco₃ 24. कैल्शियम सल्फेट — caso₄ 25. अमोनियम सल्फेट — (nh₄)₂so₄ 26. नाइट्रेट पोटेशियम—kno₃ आम रसायनों के व्यावसायिक एवं रासायनिक नाम व्यावसायिक नाम — iapuc नाम — अणु सूत्र 27. चाक — कैल्सियम कार्बोनेट — caco₃ 28. अंगूर का सत — ग्लूकोज — c6h₁₂o6 एल्कोहल — एथिल 29. ...

स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित आंदोलन एवं वर्ष

❇️स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित आंदोलन एवं वर्ष Kapil kp coaching centre 🇮🇳 🔘 बंग-भंग आंदोलन(स्वदेशी आंदोलन)  ➺ 1905 में   🔘 मुस्लिम लीग ➺ 1906 में  🔘 कांग्रेस का बंटवारा ➺  1907 में  🔘 होमरूल आंदोलन ➺  1916 में  🔘 लखनऊ पैक्ट ➺    दिसंबर 1916 में  🔘 मांटेग्यू घोषणा ➺   20 अगस्त 1917 में  🔘 खिलाफत आंदोलन ➺ 1919 ई. 🔘 जालियांवाला बाग हत्याकांड ➺   13 अप्रैल 1919 में  🔘 रौलेट एक्ट ➺ 19 मार्च 1919 में  🔘 हंटर कमिटी की रिपोर्ट प्रकाशित ➺   18 मई 1920 में  🔘 कांग्रेस का नागपुर अधिवेशन ➺   दिसंबर 1920 में  🔘 असहयोग आंदोलन की शुरुआत ➺   1 अगस्त 1920 में  🔘 चौरी-चौरा कांड ➺   5 फरवरी 1922 में  🔘 स्वराज्य पार्टी की स्थापना ➺   1 जनवरी 1923 में  🔘 हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन ➺   अक्टूबर 1924 में  🔘 साइमन कमीशन की नियुक्ति ➺  8 नवंबर 1927 में   🔘 साइमन कमीशन का भारत आगमन ➺ 3 फरवरी 1928 में  🔘 नेहरू रिपोर्ट ➺   अगस्त 1928...

National Signs and Symbols of India in Hindiभारत के प्रमुख राष्ट्रीय चिन्ह व प्रतीकों के बारे में:

भारत के प्रमुख राष्ट्रीय चिन्ह व प्रतीकों के बारे में: National Signs and Symbols of India in Hindi 1. भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा 2. भारत का राष्ट्रीय गान जन-गन-मन 3. भारत का राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम् 4. भारत का राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तम्भ 5. भारत का राष्ट्रीय पंचांग शक संवत 6. भारत का राष्ट्रीय वाक्य सत्यमेव जयते 7. भारत की राष्ट्रीयता भारतीयता 8. भारत की राष्ट्र भाषा हिंदी 9. भारत की राष्ट्रीय लिपि देव नागरी 10.भारत का राष्ट्रीय ध्वज गीत हिंद देश का प्यारा झंडा 11.भारत का राष्ट्रीय नारा श्रमेव जयते 12.भारत के राष्ट्र पिता महात्मा गाँधी 13.भारत की राष्ट्रीय विदेश नीति गुट निरपेक्ष 14.भारत का राष्ट्रीय पुरस्कार भारत रत्न 15.राष्ट्रीय सूचना पत्र श्वेत पत्र 16.भारत का राष्ट्रीय वृक्ष बरगद 17.भारत की राष्ट्रीय मुद्रा रूपया (₹) 18.भारत की राष्ट्रीय नदी गंगा 19.भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर 20.भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ 21.भारत का राष्ट्रीय फूल कमल 22.भारत का राष्ट्रीय फल आम 23.भारत की राष्ट्रीय योजना पञ्च वर्षीय योजना  24.भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी 25.भारत की राष्ट्रीय मिठाई जलेबी 26....

Chemistry important 100 questions

 1 . कौन-सी ग्रीन हाउस गैस या ऐसी गैस हैं, जो ओजोन परत को नुकसान पहुँचा सकती हैं? –  CH4 2. कौन-सी धातु सबसे भारी होता है? –  सोना 3. क्लीरोफॉर्म की खोज किसने की? –  सिम्पसन 4. क्लोरोफॉर्म सॉल्यूशन में नाइट्रोजन के किस आॅक्साइड का प्रयोग किया जाता हैं? –  नाइट्रोजन पेंटॉक्साइड 5. क्वाट्र्स (Quartz) किससे बनता है? –  कैल्शियम सिलिकेट से 6. क्विक सिल्वर (Quick Silver) कहा जाने वाला धातु है? –  पारा 7. क्षारीय धातुओं का गुण क्या है? –  इलेक्ट्रॉन को आसानी से छोड़ देती है 8. खट्ठे फलों में कौन सा अम्ल होता हैं? –  साइट्रिक अम्ल 9. खदानों में अधिकांश विस्फोट मिश्रण से होते हैं? –  हवा के साथ मिथेन के मिश्रण से 10. खाद्य पदार्थों के परिरक्षण के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला रसायन हैं? –  सोडियम बेन्जोएट 11. खाना पकाने का तेल, वनस्पति घी में किस प्रक्रिया द्वारा बदल आता जाता है? –  हाइड्रोजनीकरण द्वारा 12. खाने वाले सामान्य नमक का रासायनिक नाम क्या है? –  सोडियम क्लोराइड 13. गन पाउडर किस मिश्रण से बनता है? –  चारकोल, सल्फर ए...

इतिहास के बहुत महत्त्वपूर्ण प्रश्न

 इतिहास के  बहुत महत्त्वपूर्ण प्रश्न

मादा ऑक्टोपस को दुनिया की सबसे महानतम मां क्यों कहते हैं?

  मादा ऑक्टोपस को दुनिया की सबसे महानतम मां क्यों कहते हैं?

ncert class 9 sst chapter 1 history ||फ्रांसीसी क्रांति||

पाठ 1. फ्रांसीसी क्रांति Important Notes (नोट्स)  • फ्रांस के लोग महंगाई कर वृद्धि और निरंकुश शासन से परेशान थे।  • फ्रांसीसी क्रांति ने फ्रांस में राजतंत्र को समाप्त कर दिया । • क्रांति के दौरान तैयार किया गया मानव अधिकार घोषणापत्र एक नए युग के आगमन का द्योतक था ।  • सन 1774 में बुब राजवंश का लुई XVI फ्रांस की राजगद्दी पर आसीन हुआ | • जब लुई XVI फ्रांस की राजगद्दी पर आसीन हुआ तो राजकोष खाली था और कई युद्ध लड़ने के कारण कर्ज के बोझ से दबा था। कर्ज का बोझ दिनों दिन बढ़ता जा रहा था । • अठारहवीं सदी में फ्रांसीसी समाज तीन एस्टेट्स में बंटा हुआ था और केवल तीसरे एस्टेट के लोग ही कर अदा करते थे | पूरी आबादी में लगभग 90 प्रतिशत किसान थे। लगभग 60 प्रतिशत जमीन पर कुलीनों, चर्च और तीसरे एस्टेट्स के अमीरों का अधिकार था।  • प्रथम दो एस्टेट्स, कुलीन वर्ग एवं पादरी वर्ग के लोगों को कुछ विशेषाधिकार प्राप्त था, जिसमें महत्वपूर्ण  था राज्य को दिए जाने वाले कर से छुट ।  • कुलीन वर्ग किसानों से सामंती कर वसूला करता था। वहाँ के किसान अपने स्वामी के घर एवं खेतों में काम . ...